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शिक्षक दिवस पर शायरी।
विधार्थियों से मैं कहता हूँ, शिक्षकों का सम्मान करें। है शिक्षकों से अनुरोध मेरा, विधार्थियों का चरित्र निर्माण करें।
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Hindi poem on friendship नंगे पांव और ज्येष्ठ दुपहरी,संग जिसके शीतल लगती थी। दोस्त मेरा सब हीरा था,हर रिश्ता पीतल लगती थी। वो दोस्त ...
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माटी का वो खेल-खिलौने,था माटी का घर-आंगन मेरा। भागदौड़ की जिन्दगी ने,छिन लिया बचपन मेरा।। कागज की कश्ती छिन लिया,बारिश की मस्ती छिन लिय...

बहुत खुब
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